धूमधाम से मनाया गया श्रीगंगानगर का 84वां स्थापना दिवस
शिवपुर हैड पर हुई सर्वधर्म प्रार्थना, पूजा और अर्चना, महाराजा गंगासिंह का किया नमन
श्रीगंगानगर, 26 अक्टूबर। श्रीगंगानगर जिले के 84वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को प्रातः आठ बजे से शिवपुर हैड स्थित गंगनहर उद्गम स्थल पर सिंचाई विभाग और लीला चैरिटेबल ट्रस्ट की और से आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार के नेतृत्व में सर्वधर्म प्रार्थना, पूजा और हवन किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने पौधारोपण भी किया।
शिवपुर हैड पर आयोजित कार्यक्रम में महावीर दल मंदिर के पुजारी पं. कृष्ण कुमार तिवारी, जामा मस्जिद श्रीगंगानगर के सदस्य हाजी लाल मोहम्मद, गुरूद्वारा सिंह सभा के हेड ग्रंथी श्री कुलदीप सिंह और हेड रागी श्री दयाल सिंह तथा सेक्रेट हार्ट चर्च के फादर जोन ने सर्व-धर्म प्रार्थना के माध्यम से जिले के अनवरत विकास की कामना की। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने गायत्राी मंत्रा के उच्चारण के साथ हवन भी करवाया और पूजा के नारियल को गंगनहर में प्रवाहित किया। गायत्राी परिवार से जुड़े श्री चित्राभान सिंह और तेज बहादुर सिंह चौहान ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में विकास की दृष्टि से महत्वूपर्ण शिवपुर हैड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए दस लाख रूपये की राशि पूर्व में स्वीकृत की जा चुकी है। भविष्य में भी आवश्यकतानुसार राशि जारी की जाएगी।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू, एडीएम सिटी श्री रतन सिंह लाम्बा, एसडीएम श्री नरेन्द्र सिंह पुरोहित, गंगनहर प्रणाली के अधीक्षण अभियंता श्री अमरजीत सिंह मेहरड़ा, लीला ट्रस्ट के श्री प्रेम चौधरी, तहसीलदार श्री रामेश्वर लाल जोशी, फतूही ग्राम पंचायत के सरंपच श्री कृष्ण सिहाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
महाराजा गंगासिंह को श्रद्धांजलि
अर्पितः श्रीगंगानगर जिले के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को महाराजा गंगासिंह चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर महाराजा गंगासिंह के चित्रा पर पुष्पांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया गया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने कहा कि स्वप्नदृष्टा महाराजा गंगासिंह ने अपनी राजनीतिक कुशलता के कारण तात्कालिक शासकों से संपर्क स्थापित कर पंजाब का सरप्लस पानी राजस्थान लाए जिससे जिले का अकल्पनीय विकास संभव हो पाया है। उन्हेांने कहा कि जिले में अब भी विकास की विपुल संभावनाएं हैं और यहां के लोगों की सहृदयता और परस्पर भाईचारे का व्यवहार प्रेरणादायी है।
पुलिस अधीक्षक श्री रूपिन्द्र सिंह ने कहा कि महाराजा गंगासिंह के बिना श्रीगंगानगर का उल्लेख करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां जन्म लेने वाले नागरिक और यहां जीवन यापन करने वाले लोग भाग्यशाली हैं। महाराजा गंगासिंह को कुशल राजा और सद्पुरूष बताते हुए उन्होंने कहा कि गंगासिंह के विचारों का अनुसरण करके सफलता प्राप्त की जा सकती है।
नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री राज कुमार गौड़ ने कहा कि महाराजा गंगासिंह को नमन करना और उनके कार्यो से प्रेरणा लेना आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी रहेगा। स्वयं महाराजा गंगासिंह ने गंगनहर जल प्रवाह को अपने जीवन का सबसे यादगार और महत्वपूर्ण दिन बताया था। उन्होंने शहरवासियों से शहर को सुंदर बनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज शहर विकास के पथ पर अग्रसर है, इसमें महाराजा गंगासिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जिला प्रमुख श्रीमती शांति देवी पूनिया ने कहा कि इस दिन का हमारे लिए बड़ा महत्व है। इस दिन थार भागीरथी ने जिले की पावन घरा को छूआ था और जिले को सरसब्ज करने में महाराजा गांगासिंह की अहम भूमिका थी। नगर परिषद के सभापति श्री जगदीश जांदू ने कहा कि गंगनहर आने के बाद जिले विकास के पथ पर अग्रसर होते-होते आज एक मुकाम तक पहुंच चुका है। गंगासिंह की दूरदृष्टि के कारण ही यहां नहर आना संभव हो सका और जिला खुशहाल हुआ है।
इस अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख श्री सीताराम मौर्य, एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू, एडीएम सिटी श्री रतन सिंह लाम्बा, एसडीएम श्री नरेन्द्र सिंह पुरोहित, नगर परिषद आयुक्त श्री जीवन दास डगला, उपसभापति श्री पुष्पा सोनी, श्री कश्मीरी लाल जसूजा, डॉ ब्रज मोहन सहारण, श्री खेतपाल झटवाल, श्री रमेश राजपाला, श्री के सी शर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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