जिला कलेक्टर ने ली युवाओं की क्लास
श्रीगंगानगर, 23 अक्टूबर। देश के हर नागरिक को संविधान के मौलिक कर्तव्यों और अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है। निर्णय क्षमता विकसित करने के लिए संवैधानिक ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओ को संवैधानिक जानकारी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राइट टू इंफोरमेशन, राइट टू एम्प्लायमेंट, राइट टू एज्यूकेशन, राइट टू रेपुटेशन, राइट टू फ्रीडम फोर नॉयस पोल्यूशन के अलावा भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित राइट टू फूड के बारे में जानकारी दी। संविधान के अनुच्छेद 356, 368, 370, 21, 14, 64, 17 और 18 के संबंध में बताया। जिला कलेक्टर ने ‘इक्विलिटी बिफोर लॉ’ और ‘इक्वल प्रोटेक्शन ऑफ लॉ’ का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। सिविल सर्विसेज परीक्षाओं के लिए बदले गए पैटर्न को प्रतियोगियों के लिए फायदेमंद बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे एक ही परिपेक्ष्य और धारा में अध्ययन कर, उन्हें अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका भी मिलेगा। सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सिविल सर्विसेज इंडिया डॉट कॉम वेबसाइट को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस वेबसाइट पर सिविल सर्विसेज परीक्षा की पात्राता की शर्ते, सिलेबस, प्रश्न और उनके उत्तर, प्रयासों की संख्या और अध्ययन सामग्री उपलब्ध है जो कि विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद सिद्ध होगी। उन्होंने युवाओं को समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखने पर बल दिया। जिला कलेक्टर ने कहा कि डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के माध्यम से विश्लेषणात्मक समाचार, डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट वीओएन्यूज डॉट कॉम के माध्यम से वॉयस ऑफ अमेरिका की लर्न इंग्लिश न्यूज तथा डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू न्यूजऑनएआईआर डॉट कॉम के माध्यम से अपने ज्ञान की वृद्धि कर सकते हैं। उन्होने कहा कि न्यूजऑनएआईआर में प्रसारित होने वाले कार्यक्रम पब्लिक स्पीक, करंट अफेयर्स, सुर्खियों से परे, स्टॉक मार्केट और इंटरव्यू ऑफ वीक में विभिन्न पहलूओं की सूक्ष्मतम जानकारी दी जाती है। आधुनिक भारतीय इतिहास पर विस्तृत व्याख्या करते हुए उन्होंने 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर 1947 में देश के आजाद होने तक की विभिन्न घटनाओं के बारे में बताया। उन्होंने बंग-भंग, रोलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड, खिलाफत और असहयोग आंदोलन, चोरा-चोरी काण्ड, दाण्डी मार्च, गोलमेज सम्मेलन, क्रिप्स मिशन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन और 1947 में देश के विभाजन की परिस्थितियों और परिणामों के बारे में युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रागैतिहासिक काल के इतिहास की चर्चा के दोरान उन्होंने सिंधू घाटी सभ्यता, गुप्त और मौर्य वंश तथा दक्षिण भारतीय साम्राज्य की जानकारी दी वहीं मध्यकाल में मुगल साम्राज्य के उत्थान और पतन तथा मुगलकालीन स्थापत्य, साहित्य, चित्राकला ओर अन्य शैलियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने युवाओं के प्रश्नों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का शांत भी किया।
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