Tuesday, 9 November 2010


प्रशासन गांवों के संग अभियान 2010 का शुभारम्भ बुधवार को हिन्दुमलकोट से
ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर होगा निस्तारण, 52 दिनों में 320 पंचायत मुख्यालयों पर लगेंगे एक दिवसीय शिविर
श्रीगंगानगर, 9 नवंबर। प्रशासन गावों के संग अभियान 2010 का शुभारम्भ बुधवार को ग्राम पंचायत हिंदुमलकोट की राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय से होगा। जिला प्रभारी सचिव श्री ललित मेहरा सहित अभियान से जुड़े विभागों अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। अभियान 31 दिसम्बर तक चलेगा और 52 दिनो में जिले की 320 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर एकदिवसीय शिविर आयोजित कर जनमस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्राकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्राी के निर्देशानुसार ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के उद्देश्य से 10 नवंबर से 31 दिसम्बर 2010 तक प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर में सोलह विभागों के सक्षम अधिकारी उपस्थित रहकर जनसमस्याओं को सुनेंगे और उनका मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। शिविर प्रातः दस बजे से शुरू होंगे और कार्य पूरा होने के बाद ही इनका समापन होगा। श्री सुबीर कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्राी महोदय द्वारा शिविरों की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिला स्तर पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शिविरों में गंभीरतापूर्वक कार्य करने और किसी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी गई है। प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा स्तर के अधिकारियों को प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है और इन्हें विशेष शक्तियां प्रदान की गई हैं। इनके द्वारा शिविरों की नियमित समीक्षा की जाएगी और सूचना जिला मुख्यालय को दी जाएगी। शिविरों में कौनसे विभाग का कौनसा अधिकारी उपस्थित रहेगा, इसकी सूचना मय मोबाइल नंबर जिला मुख्यालय को उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी शिविरों में उपस्थित नहीं रहेंगे अथवा कार्य निष्पादन में किसी प्रकार की कोताही बरतेंगे उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी कर्मचारी विशेष परिस्थितियों में अपनी अनुपस्थिति का कारण प्रभारी अथवा पर्यवेक्षण अधिकारी को बताएंगे और इनके द्वारा जिला कलेक्टर को सूचित किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक शिविर स्थल पर रजिस्टर संधारित किए जाएंगे। शिविर के दौरान निस्तारित होने वाली समस्याओं को इन रजिस्टरों में अंकन किया जाएगा और बच रहे प्रकरणों के निस्तारण के लिए फोलोअप शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिविरों के लिए एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला मुख्यालय पर एक नियंत्राण कक्ष स्थापित किया गया है। तहसीलदार(निर्वाचन) इसके प्रभारी होंगे वहीं सीपीओ श्री इंदीवर दुबे को समंवय प्रकोष्ठ प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट निश्चित डाटा बेस में भरकर राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्राी महोदय द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को अर्द्वशासकीय पत्रा प्रेषित कर शिविरों के सफल संचालन में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि शिविरों के दौरान क्षेत्रा के निःशक्तजनों को लेमिनेटेड निःशक्तजन पहचान-पत्रा भी वितरित किए जाएंगे। इसके लिए सात श्रेणियों के निःशक्तजनों का घर-घर सर्वे 2 नवंबर से किया जा रहा है। इन्हें चिंह्ति कर शिविर स्थल पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी निःशक्तजनों को पहचान पत्रा दिए जाएंगे। जिला कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में राजस्व, उर्जा, सहकारिता, सैनिक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, शिक्षा, श्रम, आयुर्वेद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे। राजस्व विभाग द्वारा कृषि भूमि के विभिन्न प्रकार के नामांतरकरण खोलना, पात्रा गैर खातेदार कृषकों को खातेदारी अधिकार प्रदान करना सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू और सीपीओ श्री इन्दीवर दुबे उपस्थित थे।



आयोजित अभियान का आमजन को अधिक से अधिक लाभ मिले: मुख्यमंत्री


शिविरों से जनता को राहत मिलेगी: जिला कलक्टर


श्रीगंगानगर, 4 नवम्बर। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रशासन गांवों के संग अभियान-2010 की सफलता के लिए संबंधित विभागों की टीम­ शिविर से पूर्व गांव म­ जाकर समस्याओं का चिन्हिकरण कर समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने कहा है कि शिविर से पूर्व की गई तैयारी से ही शिविरों की सफलता सुनिश्चित होगी। माननीय मुख्यमंत्री ने यह बात गुरूवार को विड़ियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से अभियान की तैयारी की समीक्षा बैठक म­ जिला कलक्टर व अन्य अधिकारियों से कही। उन्होने कहा कि शिविर के दौरान उपस्थित लोगों की समस्या हल होने तथा आए व्यकित की सुनवाई तक शिविर का समय रहेगा। उन्होने कहा है कि शिविरों के माध्यम से आमजन को अधिक से अधिक राहत मिले, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जनप्रतिनिधियों का आवश्यक सहयोग लेव­। उन्होने कहा कि विकलांग व्यकितयों के कल्याण के लिए शत-प्रतिशत सवर्­ कर चिन्हित करने की कार्यवाही की जानी चाहिए। शिविरों के दौरान पंचायतीराज विभाग के अधीन किए गए 5 विभागों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जाए। पंचायतों को जो अधिकार दिए गए है, उनकी पालना की जाए। श्री गहलोत ने जिला कलक्टर को निर्देशित किया है कि शिविरों के दौरान कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही करता है, तो उसे एपीओं कर आवश्यक कार्यवाही करे तथा जो अधिकारी व कर्मचारी अच्छा कार्य कर रहा है तो उनकी सराहना की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रा के लोगों की समस्याओं का समाधान घर बैठे हो, उन्हे जिला मुख्यालय या उपखण्ड़ मुख्यालय पर चक्कर नही लगाने पड़े। जिला कलक्टर श्री सुबीर कुमार ने विड़ियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्राी श्री अशोक गहलोत तथा मुख्य सचिव श्री एस. अहमद को आशवस्त किया कि प्रशासन गांवों के संग अभियान की पूर्व तैयारी कर ली गई है। एड़वांस टीमों का गठन कर लिया गया, जो शिविर से पूर्व गांव म­ जाकर समस्याओं का चिन्हिकरण कर समस्या समाधान म­ सहयोग कर­गे। उन्होने बताया कि जिले की 320 ग्राम पंचायतों म­ शिविर आयोजित करने की तिथियों का निर्धारण कर दिया गया है तथा शिविरों के प्रभारी एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी गई है। जिले के विकलांग व्यक्तियों के चिन्हिकरण के लिए सर्वे का कार्य चल रहा है। जिला कलक्टर ने बताया कि आयोजित शिविरों म­ विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नाम के साथ ड्यूटियां लगाई गई है। शिविरों म­ काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम के साथ मोबाईल नम्बर भी दिए गए है, जिससे संबंधित से तत्काल सम्पर्क किया जा सके तथा जरूरत पड़ने पर आवश्यक कार्यवाही की जा सके। प्रत्येक शिविर के लिए एक पंजिका संधारित की जाएगी, जिसम­ आने वाली समस्याओं का इन्द्राज किया जाएगा। शिविर के दौरान जिन समस्याओं का निराकरण हो जाएगा उसके आगे अंकित करना होगा तथा जो समस्याएं शिविर म­ हल नही होगी, उन्हे उपखण्ड़ स्तर पर कार्यवाही कर समाधान किया जाएगा। जिला कलक्टर ने बताया कि आयोजित अभियान म­ ग्रामीणों की समस्याओं के अलावा कदमी रास्तों को खुलवाया जाएगा। बटवारा व नामांतरण के कार्य सम्पादित किए जाएंगे। प्रत्येक पटवारी को 15-15 के लक्ष्य दिए गए है। उन्होने बताया कि जिले म­ फसलों की स्थिति अच्छी है। जरूरत के अनुसार किसानों को यूरियां, एनपी, डीएपी खाद की आपूर्ति के लिए प्रयास किए जा रहे है। शिविर म­ आने वाले निःशुक्तजनों को निःशक्त का प्रमाण पत्रा लेमीनेशन कर दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले म­ सरसों की फसल गत वर्ष से डेढ गुणा ज्यादा है। गंगनहर म­ सिंचाई के पानी की स्थिति अच्छी है तथा आईजीएनपी क्षेत्रा म­ पानी की स्थिति के बारे म­ भी जानकारी दी गई। विड़ियों कांफ्रेसिंग के दौरान एडीएम प्रशासन श्री हनुमानदान सिंह बिठू, सीईओ जिला परिषद श्री शंकर लाल शर्मा, डीएसओ श्री अजयपाल ज्याणी, महिला बाल विकास विभाग की क्षेत्राीय उपनिदेशक श्रीमती रचना भाटिया, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता श्री एस.डी. सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियन्ता श्री अमरजीत सिंह मेहरड़ा, पेयजल के अधीक्षण अभियन्ता श्री अजय बजाज, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 हरबंस सिंह बराड़, मुख्य आयोजना अधिकारी श्री इंदीवर दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हरिश पण्ड्या, केन्द्रीय सहकारी ब®क के श्री गिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



दस नवंबर से शुरू होगा प्रशासन गांवों के संग अभियान 201o, ग्रामीण क्षेत्रा की जनसमस्याओं का होगा मौके पर निस्तारण
जिला कलेक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक, गंभीरता से काम करने के निर्देश, लापरवाही करने पर होगी कार्यवाही
श्रीगंगानगर, 1 नवंबर। जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने कहा कि किसानों और ग्रामीण क्षेत्रा की जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार आगामी दस नवंबर से चलाया जाने वाला प्रशासन गांवों के संग 2010 एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासन गांवों के संग अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण लाभांवित होने चाहिए। किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही असहनीय होगी और संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। श्री सुबीर कुमार सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 10 नवंबर से 31 दिसम्बर 2010 तक चलने वाले प्रशासन गांवों के संग अभियान की पूर्व तैयारी के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक दिन का शिविर लगाया जाएगा। शिविर में विभिन्न सत्राह विभागों के सक्षम अधिकारी उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये शिविर सोमवार से शनिवार तक आयोजित होंगे और जिस पंचायत समिति में ग्राम पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां रविवार को भी इनका आयोजन किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका निस्तारण करें। समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों द्वारा ठोस कार्यवाही की जानी चाहिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही असहनीय होगी। उन्होंने कहा कि अभियान के सम्पादन के लिए जिला कलेक्टर को 17 सीसी की कार्यवाही के लिए अधिकृत किया गया है। एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू को इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और जिला स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के विभागाध्यक्ष तीन नवंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत कर यह स्पष्ट करें कि उनके विभाग का कौनसा अधिकारी अथवा कर्मचारी किस दिन, किस शिविर में जाएगा। साथ ही नियुक्त सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी प्रशासन को उपलब्ध करवाने होंगे। उन्होंने कहा कि वही अधिकारी शिविर में जाए जो कार्यवाही करने में सक्षम हो। जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर आरएएस स्तर के अधिकारिेयों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है जो पंचायत स्तर पर इन शिविरों की नियमित समीक्षा करेंगे। पर्यवेक्षण के लिए नियुक्त सभी अधिकारियों के एसडीएम की शक्तियां प्रदान कीं गईं हैं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को भी इन शिविरों का नियमित निरीक्षण कर विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत करवाने के निर्देश दिए। श्री सुबीर कुमार ने कहा कि शिविरों में राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं से संबंधित पेम्फलेट्स पर्याप्त संख्या में रखे जाएं और ग्रामीणों को इन योजनाओं के बारे में बताया जाए। शिविरों में स्टेशनरी की उपलब्धता से संबंधित कोई समस्या न आए, यह सुनिश्चित किया जाए। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविर की निर्धारित तिथि से पूर्व सभी अधिकारी संबंधित पंचायत का निरीक्षण करें और समस्याओं को चिन्ह्ति करें जिससे कि शिविर के दिन इन समस्याओं का निराकरण किया जा सके। जिला कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रा के जिन निःशक्तजनों की पहचान नहीं हो पाई है, सर्वे के माध्यम से उनकी पहचान की जाएगी और शिविर के दौरान इन्हें लेमिनेटेड निःशक्तजन पहचान-पत्रा दिये जाएंगे। उन्होंने निःशक्तजन कल्याण से संबंधित इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वन विभाग के अधिकारियों को प्लास्टिक थैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध के प्रति ग्रामीणों में चेतना और जागृति पैदा करने को कहा। कृषि विभाग के माध्यम से सिंचाई की नवीनतम तकनीकों और जल के सदुपयोग से संबंधित जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रा के जनप्रतिनिधियों को भी इन शिविरों में आमंत्रित करने और इनके माध्यम से बताई गई जनसमस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले इन शिविरों की तिथि का प्रचार-प्रसार करवाया जाए जिससे कि अधिक संख्या में ग्रामीण उपस्थित हों और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप उन्हें लाभांवित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों सें संबंधित जिला स्तर का कोई भी अधिकारी उन्हें सूचित किए बगैर मुख्यालय नहीं त्यागेगा। उन्हेांने शिविर के माध्यम से किए जाने वाले कार्यो के बारे में बताया और इनके सम्पादन के लिए पर्यवेक्षक अधिकारियों को दी गई शक्तियो के बारे में जानकारी दी। आईसीडीएस की उपनिदेशक को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सहयोगिनियों का चयन नहीं किया गया है वहां ग्राम सभाओं के माध्यम से इनका चयन किया जाए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू, एडीएम सिटी श्री रतन सिंह लाम्बा, एडीएम सूरतगढ़ श्री संत कुमार बुडानिया, सीईओ जिला परिषद श्री शंकर लाल शमा डीएसओ श्री अजय पाल ज्याणी, आईसीडीएस की उपनिदेशक श्रीमती रचना छाबड़ा, सीएमएचओ डॉ एच एस बराड़, डीईओ प्राथमिक श्री हरीश डी पांड्या, माध्यमिक श्री मोहन लाल पारगी, उपनिदेशक कृषि श्री कृष्ण कुमार के अलावा सभी उपखण्ड अधिकारी और शिविर के सम्मिलित होने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थ्तिा थे।इन विभागों के अधिकारी रहेंगे उपस्थितः जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन गांवों के संग 2010 अभियान में राजस्व, उर्जा, समेकित बाल विकास सेवाएं, सहकारिता, सैनिक कल्याण, जनजाति क्षेत्राीय विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति,वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, शिक्षा, श्रम,चिकित्सा और स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

Thursday, 28 October 2010



सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें चिकित्साधिकारी-जिला कलेक्टर


श्रीगंगानगर, 28 अक्टूबर। जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने कहा कि चिकित्सा विभाग के सभी अधिकारी एवं चिकित्सक सकारात्मक सोच, परस्पर समन्वय और व्यवहारकुशलता के साथ मरीजों का उपचार करें। आमजन को मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करने का कार्य एक मिशन के रूप में करें जिससे कि इनको जड़ से खत्म किया जा सके। श्री सुबीर कुमार गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए चिकित्साधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने कक्ष को साफ-सुथरा रखें और अपने व्यवहार से मरीजों को संतुष्ट करने की खूबी पैदा करें। सभी चिकित्सकों को प्रपीन अनिवार्य रूप से पहनना होगा अन्यथा उनके खिलाफ 17 सीसी की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक अपने कार्यों का आत्मविश्लेषण भी करें। जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले की डिग्गियों, खालों और अन्य सार्वजनिक जल भण्डारण स्त्रोतों से संबंधित एक डेटाबेस तैयार करवाया जाएगा। सभी आशा सहयोगिन और एएनएम क्षेत्रावार जल भण्डारण स्त्रोतों का सर्वे करेंगी और इनकी स्थिति, मच्छर पैदा होने की संभावना, मच्छरों को खत्म करने के लिए की गई एंटीलार्वल गतिविधियां, टेमीफॉस तथा काला तेल डाले जाने की तारीख आदि सीएससी पर बैठे चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से इस डेटाबेस में अपलोड करवाएगी। यदि किसी भण्डारण स्त्रोत में एण्टीलार्वल गतिविधियां नहीं की गईं है तो इनका उल्लेख भी कारण सहित इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। जिला कलेक्टर ने कहा कि जिन स्थानों पर मलेरिया और डेंगू की संभावना अधिक है, उन स्थानों पर नियमित फोगिंग करवाई जाए और इसकी समीक्षा की जाए। जिला कलेक्टर ने जिले के सातों ब्लॉक में एक-एक फोगिंग मशीन अविलम्ब क्रय किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू और मलेरिया पर नियंत्राण के लिए प्रशासनिक महकमे के साथ आमजन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है और इस जागरूकता के लिए चिकित्सा विभाग सहित अन्य महकमे के अधिकारी एक मिशन के रूप में कार्य करें। उन्होंने विभाग द्वारा आइइसी गतिविधियों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि इसके प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। अधिक से अधिक लोगों को डेंगू और मलेरिया के लक्षण तथा इनसे बचने के उपायों को एसएमएस के माध्यम से प्रचारित करने और इन एसएमएस को उनके द्वारा अधिक से अधिक फोरवर्ड किए जाने की अपील करने के निर्देश दिए। श्री सुबीर कुमार ने टीकाकरण का कार्य पूर्ण गंभीरता के साथ करवाने के निर्देश दिए और कहा कि गर्भवती महिला को कब और कौनसा टीका लगाया जाना है, आयरन और फॉलिक एसिड की आवश्यकता कब पड़ती है, प्रसव के बाद वर्षभर कौनसे टीके और कब लगाए जाते हैं, जैसी सूचनाएं एसएमएस अथवा संभव हो तो वॉयस एसएमएस के माध्यम से दी जाएं जिससे कि सुरक्षित प्रसव हो और नवजात को छह प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सके। जिला कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष सितम्बर माह तक 6612 महिला और 227 पुरूषों सहित 6839 नसबंदी की गई जो लक्ष्य का 45.16 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि नसबंदी में जिला अब तक राज्य में पहले स्थान पर है। जननी सुरक्षा योजना के तहत गत माह तक 15854 संस्थागत प्रसव हुए जिनमें से 14505 को जेएसवाई के तहत लाभांवित किया जा चुका है। इस योजनांतर्गत अब तक 258.87 लाख रूपये की राशि व्यय की गई है। बीपीएल देशी घी योजना के तहत अब तक देशी घी के 1680 कूपन जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सितम्बर माह तक 19525 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है और मुख्यमंत्राी बीपीएल जीवन रक्षा कोष योजना के तहत 40.70 लाख रूपये की राशि व्यय की गई है। बैठक में ग्राम स्वास्थ्य और स्वच्छता समिति द्वारा सूरतगढ़ और सादुलशहर में चल रहे प्रशिक्षण के बारे में बताया और ब्लॉक सीएमओ को इनका निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शीघ्र में संचालित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 24 गुणा 7 के रूप में चयनित किया जा जाएगा जिससे मरीजों को सुविधा होगी और संस्थागत प्रसव में भी इजाफा होगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि सीएचसी केसरीसिंहपुर और विजयनगर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए साल लाख रूपये प्रत्येक के हिसाब से स्वीकृत किए गए है। जिनका निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी के माध्यम से करवाया जा रहा हैं। बैठक में अन्य निर्माण कार्यों पर चर्चा करते हुए उनकी समीक्षा की गई। बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के अलावा अंधता, टीबी और कुष्ठ रोग निवारण कार्यक्रम तथा आईडीएसपी कार्यक्रम के बारे में चर्चा भी की गई। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ एच एस बराड़, पीएमओ डॉ नीना गोयल, एडि. सीएमएचओ डॉ आईपीएस पूनिया, राजस्थान हैल्थ डवलपमेंट प्रोजेक्ट के प्रभारी डॉ पवन सैनी, डिप्टी सीएमओ डॉ सुरेश जैन सहित अन्य डिप्टी सीएमओ तथा चिकित्साधिकारी उपस्थित थे।

Tuesday, 26 October 2010


जिला स्थापना दिवस के अवसर पर महाराजा गंगासिंह चौक पर आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रमुख श्रीमती शांति देवी पूनिया, सभापति श्री जगदीश जांदू, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री राजकुमार गौड़, जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री रूपिन्द्र सिंह

जिला स्थापना दिवस के अवसर पर महाराजा गंगासिंह चौक पर आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित करते जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार

श्रीगंगानगर स्थापना दिवस के अवसर पर शिवपुर हैड पर आयोजित कार्यक्रम में हवन के दौरान आहूति देते जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार