
प्रशासन गांवों के संग अभियान 2010 का शुभारम्भ बुधवार को हिन्दुमलकोट से
ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर होगा निस्तारण, 52 दिनों में 320 पंचायत मुख्यालयों पर लगेंगे एक दिवसीय शिविर
श्रीगंगानगर, 9 नवंबर। प्रशासन गावों के संग अभियान 2010 का शुभारम्भ बुधवार को ग्राम पंचायत हिंदुमलकोट की राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय से होगा। जिला प्रभारी सचिव श्री ललित मेहरा सहित अभियान से जुड़े विभागों अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। अभियान 31 दिसम्बर तक चलेगा और 52 दिनो में जिले की 320 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर एकदिवसीय शिविर आयोजित कर जनमस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्राकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्राी के निर्देशानुसार ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के उद्देश्य से 10 नवंबर से 31 दिसम्बर 2010 तक प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर में सोलह विभागों के सक्षम अधिकारी उपस्थित रहकर जनसमस्याओं को सुनेंगे और उनका मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। शिविर प्रातः दस बजे से शुरू होंगे और कार्य पूरा होने के बाद ही इनका समापन होगा। श्री सुबीर कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्राी महोदय द्वारा शिविरों की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिला स्तर पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शिविरों में गंभीरतापूर्वक कार्य करने और किसी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी गई है। प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा स्तर के अधिकारियों को प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है और इन्हें विशेष शक्तियां प्रदान की गई हैं। इनके द्वारा शिविरों की नियमित समीक्षा की जाएगी और सूचना जिला मुख्यालय को दी जाएगी। शिविरों में कौनसे विभाग का कौनसा अधिकारी उपस्थित रहेगा, इसकी सूचना मय मोबाइल नंबर जिला मुख्यालय को उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी शिविरों में उपस्थित नहीं रहेंगे अथवा कार्य निष्पादन में किसी प्रकार की कोताही बरतेंगे उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी कर्मचारी विशेष परिस्थितियों में अपनी अनुपस्थिति का कारण प्रभारी अथवा पर्यवेक्षण अधिकारी को बताएंगे और इनके द्वारा जिला कलेक्टर को सूचित किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक शिविर स्थल पर रजिस्टर संधारित किए जाएंगे। शिविर के दौरान निस्तारित होने वाली समस्याओं को इन रजिस्टरों में अंकन किया जाएगा और बच रहे प्रकरणों के निस्तारण के लिए फोलोअप शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिविरों के लिए एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला मुख्यालय पर एक नियंत्राण कक्ष स्थापित किया गया है। तहसीलदार(निर्वाचन) इसके प्रभारी होंगे वहीं सीपीओ श्री इंदीवर दुबे को समंवय प्रकोष्ठ प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट निश्चित डाटा बेस में भरकर राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्राी महोदय द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को अर्द्वशासकीय पत्रा प्रेषित कर शिविरों के सफल संचालन में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि शिविरों के दौरान क्षेत्रा के निःशक्तजनों को लेमिनेटेड निःशक्तजन पहचान-पत्रा भी वितरित किए जाएंगे। इसके लिए सात श्रेणियों के निःशक्तजनों का घर-घर सर्वे 2 नवंबर से किया जा रहा है। इन्हें चिंह्ति कर शिविर स्थल पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी निःशक्तजनों को पहचान पत्रा दिए जाएंगे। जिला कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में राजस्व, उर्जा, सहकारिता, सैनिक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, शिक्षा, श्रम, आयुर्वेद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे। राजस्व विभाग द्वारा कृषि भूमि के विभिन्न प्रकार के नामांतरकरण खोलना, पात्रा गैर खातेदार कृषकों को खातेदारी अधिकार प्रदान करना सहित विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू और सीपीओ श्री इन्दीवर दुबे उपस्थित थे।

