Tuesday, 9 November 2010



दस नवंबर से शुरू होगा प्रशासन गांवों के संग अभियान 201o, ग्रामीण क्षेत्रा की जनसमस्याओं का होगा मौके पर निस्तारण
जिला कलेक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक, गंभीरता से काम करने के निर्देश, लापरवाही करने पर होगी कार्यवाही
श्रीगंगानगर, 1 नवंबर। जिला कलेक्टर श्री सुबीर कुमार ने कहा कि किसानों और ग्रामीण क्षेत्रा की जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार आगामी दस नवंबर से चलाया जाने वाला प्रशासन गांवों के संग 2010 एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासन गांवों के संग अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण लाभांवित होने चाहिए। किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही असहनीय होगी और संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। श्री सुबीर कुमार सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 10 नवंबर से 31 दिसम्बर 2010 तक चलने वाले प्रशासन गांवों के संग अभियान की पूर्व तैयारी के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक दिन का शिविर लगाया जाएगा। शिविर में विभिन्न सत्राह विभागों के सक्षम अधिकारी उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये शिविर सोमवार से शनिवार तक आयोजित होंगे और जिस पंचायत समिति में ग्राम पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां रविवार को भी इनका आयोजन किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका निस्तारण करें। समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों द्वारा ठोस कार्यवाही की जानी चाहिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही असहनीय होगी। उन्होंने कहा कि अभियान के सम्पादन के लिए जिला कलेक्टर को 17 सीसी की कार्यवाही के लिए अधिकृत किया गया है। एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू को इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और जिला स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के विभागाध्यक्ष तीन नवंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत कर यह स्पष्ट करें कि उनके विभाग का कौनसा अधिकारी अथवा कर्मचारी किस दिन, किस शिविर में जाएगा। साथ ही नियुक्त सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी प्रशासन को उपलब्ध करवाने होंगे। उन्होंने कहा कि वही अधिकारी शिविर में जाए जो कार्यवाही करने में सक्षम हो। जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर आरएएस स्तर के अधिकारिेयों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है जो पंचायत स्तर पर इन शिविरों की नियमित समीक्षा करेंगे। पर्यवेक्षण के लिए नियुक्त सभी अधिकारियों के एसडीएम की शक्तियां प्रदान कीं गईं हैं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को भी इन शिविरों का नियमित निरीक्षण कर विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत करवाने के निर्देश दिए। श्री सुबीर कुमार ने कहा कि शिविरों में राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं से संबंधित पेम्फलेट्स पर्याप्त संख्या में रखे जाएं और ग्रामीणों को इन योजनाओं के बारे में बताया जाए। शिविरों में स्टेशनरी की उपलब्धता से संबंधित कोई समस्या न आए, यह सुनिश्चित किया जाए। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविर की निर्धारित तिथि से पूर्व सभी अधिकारी संबंधित पंचायत का निरीक्षण करें और समस्याओं को चिन्ह्ति करें जिससे कि शिविर के दिन इन समस्याओं का निराकरण किया जा सके। जिला कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रा के जिन निःशक्तजनों की पहचान नहीं हो पाई है, सर्वे के माध्यम से उनकी पहचान की जाएगी और शिविर के दौरान इन्हें लेमिनेटेड निःशक्तजन पहचान-पत्रा दिये जाएंगे। उन्होंने निःशक्तजन कल्याण से संबंधित इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वन विभाग के अधिकारियों को प्लास्टिक थैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध के प्रति ग्रामीणों में चेतना और जागृति पैदा करने को कहा। कृषि विभाग के माध्यम से सिंचाई की नवीनतम तकनीकों और जल के सदुपयोग से संबंधित जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रा के जनप्रतिनिधियों को भी इन शिविरों में आमंत्रित करने और इनके माध्यम से बताई गई जनसमस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले इन शिविरों की तिथि का प्रचार-प्रसार करवाया जाए जिससे कि अधिक संख्या में ग्रामीण उपस्थित हों और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप उन्हें लाभांवित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों सें संबंधित जिला स्तर का कोई भी अधिकारी उन्हें सूचित किए बगैर मुख्यालय नहीं त्यागेगा। उन्हेांने शिविर के माध्यम से किए जाने वाले कार्यो के बारे में बताया और इनके सम्पादन के लिए पर्यवेक्षक अधिकारियों को दी गई शक्तियो के बारे में जानकारी दी। आईसीडीएस की उपनिदेशक को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सहयोगिनियों का चयन नहीं किया गया है वहां ग्राम सभाओं के माध्यम से इनका चयन किया जाए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन श्री हनुमान दान बिठू, एडीएम सिटी श्री रतन सिंह लाम्बा, एडीएम सूरतगढ़ श्री संत कुमार बुडानिया, सीईओ जिला परिषद श्री शंकर लाल शमा डीएसओ श्री अजय पाल ज्याणी, आईसीडीएस की उपनिदेशक श्रीमती रचना छाबड़ा, सीएमएचओ डॉ एच एस बराड़, डीईओ प्राथमिक श्री हरीश डी पांड्या, माध्यमिक श्री मोहन लाल पारगी, उपनिदेशक कृषि श्री कृष्ण कुमार के अलावा सभी उपखण्ड अधिकारी और शिविर के सम्मिलित होने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थ्तिा थे।इन विभागों के अधिकारी रहेंगे उपस्थितः जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन गांवों के संग 2010 अभियान में राजस्व, उर्जा, समेकित बाल विकास सेवाएं, सहकारिता, सैनिक कल्याण, जनजाति क्षेत्राीय विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति,वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, शिक्षा, श्रम,चिकित्सा और स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

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